जोड़ों का दर्द चलने फिरने में परेशानी पैदा कर सकता है, और कभी-कभी जोड़ों में सूजन और अकड़न के साथ तेज दर्द होता है। हल्के से लेकर गंभीर दर्द गठिया, मोच या चोट के कारण हो सकता है। जो स्नायुबंधन और मजबूत मांसपेशियों को प्रभावित करता है। आयुर्वेद के अनुसार, जोड़ों में सूजन और दर्द वातदोष की वृद्धि के कारण होती है, जो जोड़ों के स्थानों पर विषाक्त पदार्थों को जमा करती है। इसके निवारण के लिए आयुर्वेदिक उपचार द्वारा शरीर में वात को संतुलित करने के लिए निर्देशित किया जाता है। जोड़ो के दर्द के साथ जुड़े लक्षणों में शामिल हैंः
\nजोड़ों का दर्द और मांसपेशियो में कमजोरी, जोड़ो का अकड़ जाना, थकान ,वजन घटना आदि।
\nऑर्थो केयर को जोडो के दर्द, वात विकार दूर करने वाली आयुर्वेदिक जडी बूटियों के संयोजन से तैयार किया गया है। जिन जडी बूटियों का प्रयोग ऑर्थो केयर बनाने में किया गया है और वह क्या -क्या कार्यकरती है इसकी जानकारी दी गई है।
\nशतावरी – शतावरी में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। कैल्शियम हड्डियों के निर्माण, हड्डियों के विकास और हड्डियों से जुड़ी समस्याओ में राहत प्रदान करता है।
\nत्रिकुटा – शरीर के दर्द में असरदार है, दर्द को काबू करता है।
\nमेथी – जोड़ो के दर्द (आर्थराइटिस) में लाभ देती है।
\nआमाहल्दी – आमवात दर्द में लाभकारी है।
\nनिर्गुन्डी – मांसपेशियों को दर्द से आराम देती है। सूजन कम करती है। निर्गुंडी को श्रेष्ठ दर्द निवारक दवाओं में एक माना जाता है।
\nअरंड – साइटिका, गठिया और सूजन में लाभकारी होता है।
\nविजयसार – चोट के दर्द और फैक्चर में प्रभावी होता है, जोडो के दर्द, घुटनो के दूर करता है, प्रचूर मात्रा में कैल्षियम होता है।
\nशुद्ध शिलाजीत – थकान कमजोरी आयरन और खून की कमी को दूर करता है
\nरास्ना – आमवात, वातरोग में लाभ देता है
\nशालाकि गुग्गुल- जोड़ों के दर्द और सूजन की परेशानी दूर करता है
\nअश्वगंधा- मांसपेशियों की ताकत में बढ़ोतरी करता है मजबूती देता है।
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\nआयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक जडी बूटी कई प्रकार की षारीरिक समस्याओ में लाभ प्रदान करती है, पूरी तरह प्राकृतिक होने के कारण इनका कोई साइड इफेक्ट नही होता है।
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